"शिवाधीन" सच्ची दोस्ती - ये सफर है सुहाना ।।
कभी कभी हम अपनी आदतों की वजह से जान बूझ कर अनजानेमे गलतियां करते रहते है ।। लेकिन जब हमे हमारी गलतियों का एहसास होता है तो हमे अपने सच्चे दोस्तों से मन से दिलसे माफी मांग लेनी चाहिए ।। क्योंकि दोस्ती अगर घहरी और सच्ची है तो आपकी मनकी बात वो जान लेगा और आपकी गलतियां आपके दोस्तके लिए माईने नही रखती ।। क्योंकि उसको अपने साथ साथ आप परभी भरोसा होगा ।। ये सफर है सुहाना ।।
- ©® मेहुल ब्रह्मभट्ट