Saturday, 23 July 2022

"शिवाधीन" सच्ची दोस्ती - ये सफर है सुहाना ।।

"शिवाधीन" सच्ची दोस्ती - ये सफर है सुहाना ।। 
कभी कभी हम अपनी आदतों की वजह से जान बूझ कर अनजानेमे गलतियां करते रहते है ।। लेकिन जब हमे हमारी गलतियों का एहसास होता है तो हमे  अपने सच्चे दोस्तों से मन से दिलसे माफी मांग लेनी चाहिए ।। क्योंकि दोस्ती अगर घहरी और सच्ची है तो आपकी मनकी बात वो जान लेगा और आपकी गलतियां आपके दोस्तके लिए माईने नही रखती ।। क्योंकि उसको अपने साथ साथ आप परभी भरोसा होगा ।।  ये सफर है सुहाना ।। 

- ©® मेहुल ब्रह्मभट्ट

"शिवाधीन" " कृष्णजरा " -

"शिवाधीन" " कृष्णजरा " - 
बाण चलाया समझ के मृग ।
कृष्ण को देखा और -
"जराने आक्रांद व्यक्त किया ।। 
तब कहा कृष्ण ने  जरा से -
" जो ऊहा अच्छा हुआ " 
तूने मुझे मुक्त किया ।। 

- ©® मेहुल ब्रह्मभट्ट

 "शिवाधीन" 
उसने बदला नहीं अपनोका भाग्य ।।
वो देखता रहा बस उनका दुर्भाग्य ।। 
वो कहता रहा अपनोको हर पल ।।
जैसा कर्म वैसा ही मिलेगा फल ।। 
- ©® मेहुल ब्रह्मभट्ट

કૃષ્નાર્થ

"शिवाधीन" 
ઘણા ખરાનો કૃષ્ણ સાથે ,  
હતો માત્ર સ્વ નો સ્વાર્થ..!! 
કૃષ્ણને સમજી શક્યા માત્ર , 
સુદામા, દ્રોપદી , પાર્થ...!!!

- ©® મેહુલ બ્રહ્મભટ્ટ

"शिवाधीन" ये सफर है सुहाना।।

"शिवाधीन"  ये सफर है सुहाना।।
क्या वो हकीकत थी 
या फिर एक ख्वाब 
जो अंधेरेमें मैंने देखा था 
वो दोस्त , वो एहसास 
जो मेने महसूस किया था 
लगता था हर पल मुझे 
वो मेरे आसपास साथ है 
जब हुआ सवेरा तो 
खुद के साथ था में  ... 
वो एहसाह वो ख्वाब 
बस एक याद बन गया 
क्या वो हकीकत थी 
या फिर एक फ़साना।।
क्योंकी ये सफर है सुहाना।। 

- ©® મેહુલ બ્રહ્મભટ્ટ


ख्वाब -मेहुल ब्रह्मभट्ट


"शिवाधीन"
देखा है जो ख्वाब वो  , 
ख्वाब पूरा होने वाला है ए जिंदगी ||
अब न टाईम लगेगा , 
मंजिल है नजदीक और सफर खत्म होने को है || 

- मेहुल ब्रह्मभट्ट

"शिवाधीन"
हारना थकना हमे नही आता ए जिंदगी, 
धीरे धीरे हमे बस जितने की आदत है || 

- मेहुल ब्रह्मभट्ट 

"शिवाधीन"
કિંમતી પુસ્તકો સાથે મે, 
ખોટી હસ્તી સંગ્રહી રાખેલી...!!!
મોહમાં ખરેખર મે  , 
નકામી પસ્તી સંગ્રહી રાખેલી...!!!
- ©® મેહુલ બ્રહ્મભટ્ટ 


"शिवाधीन"
  જીવનમાં, 
વિકલ્પો જેટલા વધારે...
એટલી કલ્પનાઓ વધારે...
જીવનમાં, 
જ્યાં કોઈ વિકલ્પ નથી....
ત્યાં કલ્પનાઓ પણ નથી...
માત્ર હકીકત છે...સત્ય છે...

- ©® મેહુલ બ્રહ્મભટ્ટ 

"शिवाधीन" 
बुरे लोगो की एक आदत होती हैं ।
वे अपनी अच्छाई कभी दिखाते नहीं है ।। 
और अच्छे लोगों की एक आदत होती है ।
वे अपनी बुराई कभी दिखाना चाहते नहीं है ।। 
और कुछ लोग खुली किताब जैसे होते हैं ।। 
बस जैसे है ।। बस वैसे ही है ।। 

- ©® મેહુલ બ્રહ્મભટ્ટ

"शिवाधीन"
सब के लिए हम लायक नही मेरे दोस्त।।
कुछके लिए हम ना लायक ही सही है ।। 

- ©® મેહુલ બ્રહ્મભટ્ટ

Friday, 22 July 2022

ये सफर है सुहाना - - मेहुल ब्रह्मभट्ट

"शिवाधीन"  ये सफर है सुहाना।। 
आरव और निकिता दोनो स्कूल समय के दोस्त थे।। आरव ऑफिसर का बेटा था और निकिता किसान की बेटी।। दोनो के सपने अलग थे।। आरव किसान बनना चाहता था वहीं निकिता कलेक्टर।। 

दोनो अपनी।अपनी।राय।रखते थे।। निकिता अपने गांव की बात करती । वहा आरव अपनी बातो को चुप रखता।। कॉलेज में दोनो अलग हो गए।। आरव ऑर्गेनिक फार्मिंग के लिए पढ़ाई करने लगा वही निकिता IAS की तैयारी करने लगी।। बहोत्त साल बाद निकिता एक। अफसर के तौर पर एक गांव में गई।। 

आरव वहा पे किसानके बेरोजगार बच्चो को ऑर्गेनिक फार्मिंग की ट्रेनिंग दें रहा था।। दोनो भारत देश के लिए अपना योगदान दे रहे थे।। फिर से दोनो मिले।।

 वही बाते वही मुस्कुराहट ।। क्योंकि ये सफर है सुहाना।। 

- ©® मेहुल ब्रह्मभट्ट 


Tuesday, 18 January 2022

હાઈકુ "शिवाधीन"

"शिवाधीन"  

હાઈકુ
હાઈકુ જાપાનનો કાવ્યપ્રકાર છે

જાપાનમાં કવિઓ રાજદરબારમાં તાન્કા રજૂ કરતા . તેને મેટ્સુઓ બાશઉએ હોક્કું નામ આપ્યું જે સમય સાથે હાઈકુ તરીકે ઓળખાયું 

1913માં ઇંગ્લીશમાં એઝરા પાઉન્ડ દ્વારા પ્રથમ હાઈકુ લખાયેલું. 

1915 માં કવિગુરુ રવીન્દ્રનાથ ટાગોર જાપાન ગયા પછી હાઈકુનો પરીચય થયો. અને જાપાની કાવ્યને શીખ્યા સમજ્યા અને હાઈકુ લખ્યા.

Nick Vigilio નામના અંગ્રેજી સાહિત્યકારે હાઈકુને ’સ્ટોપ-શોર્ટ’. “Stop-short”! .કહ્યું છે.

 ગુજરાતી સાહિત્યકાર સ્નેહરશ્મી હાઇકુના પિતા ગણાય છે.

 ગુજરાતી કવિઓ શ્રી સિતાંશુ યશચંદ્ર, ધીરુભાઈ પરીખ,  
દીપ્તિ ઈનામદાર , પન્ના નાયક, બંકિમચન્દ્ર બ્રહ્મભટ્ટ , કિસન સોસા વગેરે હાઈકુના રચયિતા છે.

- મેહુલ બ્રહ્મભટ્ટ ( સોત્તમલા , ડીસા ) 

હાઈકુ - મેહુલ બ્રહ્મભટ્ટ , Mehul Brahmbhatt



©"शिवाधीन"
પચાવી ઝેર,
ધ્યાનમાં છે શિવજી,
જીવ કલ્યાણે !!

- મેહુલ બ્રહ્મભટ્ટ (સોત્તમલા , ડીસા)

હાઈકુ - મેહુલ બ્રહ્મભટ્ટ # Mehul Brahmbhatt

©"शिवाधीन"
પચાવી ઝેર,
ધ્યાનમાં છે શિવજી,
જીવ કલ્યાણે !!

- મેહુલ બ્રહ્મભટ્ટ 
(સોત્તમલા , ડીસા)

Wednesday, 12 January 2022

જોડણી શબ્દ

©"शिवाधीन"
જોડણી થકી 
અર્થ બદલાય...!!
અર્થે પણ ન સમજાતા 
અનર્થ થાય...!!! 
સમજાય અર્થ 
જોડણીનો તો ..!!
કોયડા પણ 
સરળ થાય ...!!!
શબ્દનો વૈભવ 
તો જુઓ...!!!
એક શબ્દે,
અનેક છે અર્થ..!!!