Friday, 22 July 2022

ये सफर है सुहाना - - मेहुल ब्रह्मभट्ट

"शिवाधीन"  ये सफर है सुहाना।। 
आरव और निकिता दोनो स्कूल समय के दोस्त थे।। आरव ऑफिसर का बेटा था और निकिता किसान की बेटी।। दोनो के सपने अलग थे।। आरव किसान बनना चाहता था वहीं निकिता कलेक्टर।। 

दोनो अपनी।अपनी।राय।रखते थे।। निकिता अपने गांव की बात करती । वहा आरव अपनी बातो को चुप रखता।। कॉलेज में दोनो अलग हो गए।। आरव ऑर्गेनिक फार्मिंग के लिए पढ़ाई करने लगा वही निकिता IAS की तैयारी करने लगी।। बहोत्त साल बाद निकिता एक। अफसर के तौर पर एक गांव में गई।। 

आरव वहा पे किसानके बेरोजगार बच्चो को ऑर्गेनिक फार्मिंग की ट्रेनिंग दें रहा था।। दोनो भारत देश के लिए अपना योगदान दे रहे थे।। फिर से दोनो मिले।।

 वही बाते वही मुस्कुराहट ।। क्योंकि ये सफर है सुहाना।। 

- ©® मेहुल ब्रह्मभट्ट